अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़

अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़

मुंबई : नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है जो ड्रग्स तस्करी के लिए कॉल सेंटर मॉड्यूल का इस्तेमाल करता था. इस मामले में NCB ने एक नाइजीरिया के एक नागरिक को गिरफ्तार किया है. एनसीबी के मुताबिक, ड्रग्स तस्करी के लिए यह सिंडिकेट नाइजीरिया से चलाया जा रहा था और इसका इस्तेमाल मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में तस्करी करने के लिए किया जा रहा था. ब्यूरो गोपनीय सूत्रों की तरफ से इस तस्कर की जानकारी मिली थी.
दरअसल, ब्यूरो को जानकारी मिली कि चोक्यु इमेका ऑगबोमा उर्फ माइकल नामक नाइजीरियन शख्स मुंबई से सटे नालासोपारा और उसके आस-पास के इलाके में बड़ी मात्रा में कोकीन ड्रग्स सप्लाई करता है. इस जानकारी के मिलते ही नालासोपारा इलाके में एनसीबी ने ट्रैप लगाया और ड्रग्स पेडलर ऑगबोमा को कोकीन की खेप के साथ गिरफ्तार कर लिया. इसकी गिरफ्तारी के बाद जब एनसीबी ने अपनी तहकीकात आगे बढ़ाई तो पता चला कि ऑगबोमा एक ऐसे ड्रग्स सिंडिकेट का सदस्य है, जो नाइजीरिया से ऑपरेट किया जा रहा है. इस कॉल सेंटर मॉड्यूल ड्रग्स सिंडिकेट का इस्तेमाल मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में ड्रग्स तस्करी के लिए किया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी नाइजेरिया में बैठे अपने आकाओं के दिशा-निर्देश पर ड्रग्स की सप्लाई करता है.
मुंबई NCB के जॉइंट डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने बताया कि अगर भारत मे किसी को ड्रग्स चाहिए होती थी तो वह डायरेक्ट नाइजीरिया से चल रहे इस ड्रग्स कॉल सेन्टर में कॉल करता था. कॉल करने के बाद सिंडिकेट चलाने वाले लोग आर्डर बुक करते थे और फिर मुंबई में बैठे अपने सदस्यों के जरिए आर्डर देने वाले ग्राहकों को ड्रग्स की सप्लाई करवाते थे. इस सिंडिकेट को चलाने वाले लोग बड़ी ही शातिर तरीक़े से ड्रग्स सप्लाई को अंजाम देते थे.
ड्रग्स तस्करी के इस कॉल सेंटर के नाइजीरिया से चलाने की जानकारी सामने आई है. एनसीबी के मुताबिक अगर किसी को ड्रग्स चाहिए होती है तो उसका आर्डर इसी कॉल सेन्टर में कॉल करके बुक करना होता है. आर्डर बुक होने के बाद कॉल सेंटर में बैठे लोग मुंबई में मौजूद ऑगबोमा जैसे अपने सदस्यों को संबंधित ड्रग्स ग्राहक तक पहुंचाने का निर्देश देते हैं.
ड्रग्स पहुंचाने वाले ड्रग्स पेडलरों के शातिर होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह ग्राहक को ड्रग्स देने से पहले रेकी करके यह पुख्ता करते थे कि कोई पुलिस या नार्कोटिक्स का अधिकारी तो नहीं है. जानकारी जुटा लेने के बाद ही वह सप्लाई करते थे. एनसीबी के मुताबिक इस ड्रग्स सिंडिकेट को चलाने वाला गिरोह पेरू, ब्राजील और चिली से ड्रग्स का कन्साइनमेंट मुंबई में मंगवाता था. इस ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के बाद एनसीबी इसके बाकी के सदस्यों का पता लगाने में जुटी हुई है, ताकि विदेशों से होने वाली इस ड्रग्स तस्करी की चेन को ध्वस्त किया जा सके. फिलहाल पूरे मामले की तहकीकात जारी है.


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay