BJP सांसद किरीट सोमैया के आरोपों के बाद हुई कार्रवाई, शिवसेना सांसद भावना गवली के 5 ठिकानों पर ED के छापे

BJP सांसद किरीट सोमैया के आरोपों के बाद हुई कार्रवाई, शिवसेना सांसद भावना गवली के 5 ठिकानों पर ED के छापे

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के यवतमाल- वाशिम से शिवसेना की सांसद भावना गवली के 5 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की है. ईडी की यह छापेमारी 100 करोड़ के स्कैम के आरोप पर की गई है. वाशिम-यवतमाल में की गई छापमारियों में  ईडी द्वारा यहां से कई कागजात जब्त किए गए हैं. उनकी जांच की जा रही है. भावना गवली से संबंधित पांच संस्थाओं के अधिकारियों से पूछताछ शुरू है.

भाजपा नेता किरीट सोमैया का आरोप है कि भावना गवली ने बैंकों और अन्य संस्थानों से 100 करोड़ रुपए लिए और उनका अवैध इस्तेमाल किया. किरीट सोमैया का आरोप है कि भावना गवली ने 55 करोड़ के कारखाने की खरीद 25 लाख में की. किरीट सोमैया का कहना है कि सीबीआई सहित अन्य संस्थाएं भी भावना गवली के अवैध कारोबार की जांच कर सकती है. सोमैय्या ने इस मामले में अपनी शिकायत ईडी में दर्ज करवाई थी. लेकिन भावना गवली ने ED की छापेमारियों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि बिना नोटिस दिए उन पर कार्रवाई की जा रही है. भावना गवली का आरोप है कि ईडी की यह कार्रवाई भाजपा के कहने पर की जा रही है.

कुछ दिनों पहले किरीट सोमैया ने वाशिम का दौरा किया था. वाशिम के देगाव, शिरपुर, और अन्य तीन ठिकानों में भावना गवली से संबंधित 5 संस्थाएं हैं. पिछले साल 5 करोड़ रुपए की चोरी की शिकायत दर्ज होने के बाद यह मामला सामने आया था. प्राप्त जानकारियों के मुताबिक वाशिम जिले के रिसोड में स्थित उत्कर्ष प्रतिष्ठान, बालाजी सहकारी पार्टिकल बोर्ड, बीएमएस कॉलेज, भावना एग्रो प्रोडक्ट सर्विस लिमिटेड नाम की कंपनियों पर ईडी ने छापे मारे हैं. भावना गवली विदर्भ में शिवसेना की नेता हैं और अब तक पांच बार यवतमाल-वाशिम से चुनाव जीत चुकी हैं.

2006 में बालाजी पार्टिकल बोर्ड सहकारी संस्था के तौर पर शुरू किया गया था. गवली के करीबी लोगों द्वारा इसे खरीदने का दावा किया गया था. 2011 में मुंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) में याचिका दाखिल की गई थी. और इस खरीद में घोटाला होने का आरोप लगाया गया.किरीट सोमैया ने भावना गवली पर कई आरोप लगाए हैं. किरीट सोमैया का आरोप है कि शिवसेना सांसद भावना गवली ने 18 करोड़ रुपए कैश अलग-अलग संस्थाओं से निकाले हैं और इनमें 7 करोड़ रुपए चोरी हो जाने का मामला बाद में जुड़ गया है. श्री बालाजी पार्टिकल बोर्ड के लिए राष्ट्रीय सहकार महामंडल ने 29 करोड़ वहीं राज्य सरकार ने 14 करोड़ का अनुदान दिया था. हालांकि 43 करोड़ रुपए का अनुदान लेने के बाद भी भावना गवली ने यह कंपनी शुरू नहीं की. इसी घोटाले के मामले में भावना गवली पर कार्रवाई की गई है. गवली पर सीए उपेंद्र मुले पर गलत रिपोर्ट बनाने का दबाव भी डालने का आरोप है.

इसके अलावा एक अन्य मामले में किरीट सोमैय्या ने कहा है कि केंद्र सरकार से 44 करोड़, स्टेट बैंक से भी 11 करोड़ रुपए लिए गए और 55 करोड़ में तैयार कंपनी को खुद भावना गवली ने 25 लाख रुपए देकर हथिया लिया. इस तरह से 55 करोड़ की कंपनी को  25 लाख रुपए में हथिया कर उसे भावना एग्रो प्राइवेट लिमिटेड का नाम दिया गया. यानी इन दोनों मामलों में एक में 43 करोड़ और दूसरे में 55 करोड़ की हेराफेरी यानी 98 से 100 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है.



लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay