बीडीडी चाल के पुनर्विकास की रफ्‍तार बढ़ाने की कवायद, म्हाडा को और 1966 घर जल्द मिलने की उम्मीद है...

बीडीडी चाल के पुनर्विकास की रफ्‍तार बढ़ाने की कवायद, म्हाडा को और 1966 घर जल्द मिलने की उम्मीद है...

मुंबई : एनएम जोशी मार्ग, नायगांव और वर्ली के बीडीडी चाल के पुनर्विकास कार्य में अब तेजी आने का रास्ता साफ हो गया है। यहां के निवासियों को ट्रांजिट कैंप में घर मिलने की समस्या दूर होने से बीडीडी चाल के पुनर्विकास कार्य में अब गति आएगी। म्हाडा को  बॉम्बे डाइंग के मिले 750 घरों को ट्रांजिट कैंप के रूप में परिवर्तित करने से बीडीडी चाल इमारत को खाली कराना आसान हो गया है। म्हाडा को और 1966 घर जल्द मिलने की उम्मीद है।
बता दें कि नायगांव, एनएम जोशी मार्ग और वर्ली के बीडीडी चाल का विकास करने के लिए उसे खाली कराना आवश्यक था लेकिन पर्यायी जगह नहीं मिलने से कार्य में अवरोध उत्पन्न हो गया था। म्हाडा द्वारा श्रीनिवास मिल, बॉम्बे डाइंग, प्रकाश कॉटन, भारत मिल एवं सेंचुरी मिल में मिल मजदूरों के लिए बने घरों को ट्रांजिट कैंप बनाने से बीडीडी चाल के लोगों को घर उपलब्ध कराकर विकास काम में तेजी लाने की कोशिश की जा रही थी। भारत मिल और सेंचुरी मिल में बने घरों को म्हाडा ने बीडीडी चाल के 272 लोगों को घर उपलब्ध कराया है। म्हाडा ने पिछले दिनों एनएम जोशी मार्ग, वर्ली और नायगांव के बीडीडी चाल की लॉटरी निकाल कर 883 लोगो की पात्रता निश्चित करते हुए उनसे अनुबंध किया। अब इन परिवारों को बॉम्बे डाइंग मिल के 750 घरों में एडजस्ट किया जाएगा। म्हाडा को मनपा के सहयोग से श्रीनिवास मिल के 1084 और बॉम्बे डाइंग मिल के 1632 घर मिलने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay