IT 3 राज्यों में की छापेमारी, कई कंपनियों पर 20 करोड़ की टैक्स चोरी का आरोप, 66 लाख कैश जब्त

IT 3 राज्यों में की छापेमारी, कई कंपनियों पर 20 करोड़ की टैक्स चोरी का आरोप, 66 लाख कैश जब्त

महाराष्ट्र : आयकर विभाग ने महाराष्ट्र, गुजरात और राजधानी दिल्ली में कई जगहों पर छापेमारी की है. ये छापेमारी भारतीय कंपनियों और उनसे जुड़ी विदेशी कंपनियों के दफ्तर पर मारी गई है. ये कंपनियां केमिकल, बॉल बेयरिग, और इंजेक्शन मोल्डिंग मशीनरी आदि से जुड़ी कंपनियां हैं.
आयकर विभाग ने करीब 20 जगहों पर ये छापेमारी की है. आईटी विभाग को छापेमारी के दौरान डिजिटल डाक्यूमेंट्स और बेनामी आय के कई सुबूत मिले हैं, जिन्हें सीज किया गया है. इन कंपनियों को फंडिंग करने के लिए विदेशी कंपनियों और पड़ोसी देशों के साथ मिलकर शैल कंपनी का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसमें कई डमी डायरेक्टर बनाए गए थे.

अनुमान लगाया जा रहा है कि बीते 2 साल में करीब 20 करोड़ की आयकर चोरी हुई है. हालांकि इस छापेमारी में 66 लाख रुपये कैश बरामद हुआ है. फिलहाल 28 करोड़ के अलग-अलग बैंक बेलेंस मिले हैं. छापेमारी से मिले चीजों को लेकर जांच जारी है.
आयकर विभाग ने 16 नवंबर को एक पड़ोसी देश द्वारा नियंत्रित कुछ भारतीय कंपनियों और उनकी सहयोगी कंपनियों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया. ये कंपनियां केमिकल, बॉल बेयरिंग, मशीनरी पार्ट्स और इंजेक्शन मोल्डिंग मशीनरी के कारोबार में लगी हुई हैं. तलाशी अभियान में मुंबई, अहमदाबाद और गुजरात के गांधीधाम और दिल्ली में फैले करीब 20 जगहों को कवर किया गया.

इन कंपनियों द्वारा बेहिसाब आय की कमाई दिखाने वाले डिजिटल डेटा के रूप में बड़ी संख्या में आपत्तिजनक सबूत पाए गए हैं और उन्हें जब्त भी कर लिया गया है. छापेमारी में यह पाया गया है कि ये कंपनियां बहीखातों में हेराफेरी कर आयकर चोरी में संलिप्त रही हैं. सबूतों के विश्लेषण से पता चला है कि इन कंपनियों ने शैल कंपनियों के नेटवर्क का इस्तेमाल कर पड़ोसी देश में फंड ट्रांसफर करने में शामिल रही हैं.
जांच से यह भी पता चला है कि मुंबई की एक पेशेवर फर्म ने न केवल इन शैल कंपनियों के गठन में मदद की बल्कि इन शैल कंपनियों को डमी डायरेक्टर भी मुहैया कराए. जांच से यह भी पता चला है कि ये डमी डायरेक्टर या तो पेशेवर फर्म के कर्मचारी या चालक थे या वे किसी काम के नहीं थे.
पूछताछ करने पर, उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें इन कंपनियों की गतिविधियों की जानकारी नहीं थी और वे प्रमुख पदाधिकारियों के निर्देश के अनुसार दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर रहे थे. पेशेवर फर्म बैंकिंग और अन्य नियामक आवश्यकताओं के लिए अपने पते देकर विदेशी नागरिकों की सहायता करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay