मरम्मत के अभाव में बंद पड़े हैं वॉटर कूलर, रेल योजना हुई फेल!

मरम्मत के अभाव में बंद पड़े हैं वॉटर कूलर, रेल योजना हुई फेल!

मुंबई, भारतीय रेलवे ने रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को सस्ता व शुद्ध जलापूर्ति के लिए अधिकांश रेलवे स्टेशनों पर `जनजल योजना’ शुरू की थी। इस योजना के तहत यात्रियों को सस्ता व शुद्ध जल देने के लिए रेलवे ने वाटर वेंडिंग मशीनें लगाई थीं। अब ये योजना फेल हो गई है, क्योंकि मशीनें भंगार में तब्दील हो गई हैं। अधिकांश मशीनें धूल खा रही हैं, अर्थात बंद हैं। यात्री पानी भरने जाते तो हैं लेकिन खाली बोतल लेकर वापस आ जाते हैं। मरम्मत के अभाव में सभी वाटर कूलर बंद पड़े हैं। मजबूरी में रेल यात्री को १५ से २० रुपए प्रति लीटर पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है।
बता दें कि अधिकांश रेलवे स्टेशन पर लगे सामान्य नल, वाटर कूलर तक मरम्मत के अभाव में बंद हो गए हैं। जनजल मशीन पर ठेकेदार द्वारा रखे गए आदमी गायब हैं। ऑटोमैटिक पानी निकालने की मशीन भी खराब हो गई हैं या फिर अज्ञानतावश रेल यात्री मशीन नहीं चला पा रहे हैं।
एक यात्री रमेश शुक्ल ने बताया कि बदलापुर उपनगरीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर लगी मशीन में एक लीटर पानी के लिए ३ रुपए डाले। बटन दबा-दबाकर परेशान हो गए। रुपया मशीन में चला गया लेकिन पानी नहीं आया।
उल्हासनगर रेलवे स्टेशन के सीएनसी मनोहर पाटील के अलावा शहाड़, बदलापुर, अंबरनाथ रेलवे स्टेशन के प्रबंधक ने बताया कि कोरोना काल से रेलसेवा आम लोगों के लिए बंद होने के कारण मशीनें बंद हैं। ठेकेदार द्वारा मशीन पर तैनात लोगों से पानी न बिकने के कारण वेतन के वांदे हो गए। वेतन न मिलता देख जनजल मशीन पर काम करने वाले लोग ही गायब हो गए। काफी मशीनें खराब हो गर्इं। वे वरिष्ठ अधिकारियों को आ रही शिकायतों की जानकारी दे देते हैं। निर्णय लेने का अधिकार वरिष्ठ अधिकारियों के के पास है।


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay