नागपुर : सारस पक्षी के संरक्षण के लिए योजना पेश करे महाराष्ट्र सरकार - बंबई उच्च न्यायालय

नागपुर : सारस पक्षी के संरक्षण के लिए योजना पेश करे महाराष्ट्र सरकार - बंबई उच्च न्यायालय

नागपुर : बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह राज्य के गोंदिया, भंडारा और चंद्रपुर जिले में दुनिया की सबसे लंबी पक्षी सारस को बचाने और संरक्षण के लिए केंद्र के साथ संयुक्त कार्य योजना बनाए। अदालत ने यह निर्देश मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दिया। न्यायमूर्ति सुनील शुक्रे और न्यायमूर्ति अनिल पनसारे की पीठ ने बुधवार को सरकार को निर्देश दिया कि वह राज्य के पूर्व स्थित इन तीन जिलों में सारस पक्षी का विस्तृत सर्वेक्षण करे और दो महीने के भीतर रिपोर्ट अदालत में जमा करे।
अदालत ने गोंदिया, भंडारा और चंद्रपुर में जिला स्तर की समिति- सारस सरंक्षण समिति- भी बनाने का निर्देश दिया जो इन पक्षियों को बचाने और संरक्षण के मामलों को देखेगी। अदालत ने गोंदिया जिले के गैर सरकारी संगठन, सस्टेनिंग इनवायरमेंट ऐंड वाइल्डलाइफ असेम्ब्लेज (सेवा) की रिपोर्ट पर संज्ञान लिया जिसमें कहा गया था कि पारेषण लाइन, कीटनाशक युक्त घांस खाने और आवारा कुत्तों का शिकार बनने से सारस पक्षी में उच्च मृत्यु दर चिंता का विषय है और इनके संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत हैं।


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay