महाराष्ट्र में ऑक्सीजन की डिमांड बढ़ी, 450 मीट्रिक टन के करीब पहुंची मांग

महाराष्ट्र में ऑक्सीजन की डिमांड बढ़ी, 450 मीट्रिक टन के करीब पहुंची मांग

मुंबई : कोरोना की तीसरी लहर अब धीरे-धीरे खतरनाक होती जा रही है। राज्य में ऑक्सीजन की डिमांड 450 मीट्रिक टन के करीब पहुंच गई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने पहले ही कहा था कि यदि ऑक्सीजन की डिमांड 700 मीट्रिक टन के पार पहुंचती है तो सख्त लॉकडाउन लगाने की जरुरत होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 5 जनवरी को मेडिकल ऑक्सीजन की मांग 430 मीट्रिक टन थी, जिसमें से 111 मीट्रिक टन मरीजों के लिए उपयोग हुआ। उस दिन 750 मीट्रिक टन के करीब ऑक्सीजन का उत्पादन हुआ था। हालांकि 5 जनवरी के बाद  राज्य में मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। 5 जनवरी से पहले ऑक्सीजन की डिमांड 370 मीट्रिक टन या उससे भी कम हो रही थी, लेकिन बाद में यह मांग तेजी से बढ़ती चली गई।
ऑल फूड एंड ड्रग्स लाईसेंस होल्डर्स फाउंडेशन के अध्यक्ष अभय पांडे ने बताया कि मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड भी बढ़ रही है। बीते तीन दिनों में ऑक्सीजन की मांग में तेजी आई है। हालांकि अभी राज्य सरकार के पास 11 हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन स्टोरेज में हैं। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोप ने कहा था कि मेडिकल ऑक्सीजन की मांग प्रतिदिन 700 मीट्रिक टन पहंचने पर सख्त लॉकडाउन लगाने की आवश्यकता होगी। सरकार की नजर बढ़ते केस और ऑक्सीजन पर बनी हुई है। यदि इसी तरह से मरीज बढ़ते रहे तो अगले सप्ताह सरकार ठोर निर्णय ले सकती है।  


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay