महाराष्ट्र में शिवसेना बनाम भाजपा-राज की लड़ाई में आप ऐसे बना रही अपनी जगह, इनके लिए बन सकती है चुनौती

महाराष्ट्र में शिवसेना बनाम भाजपा-राज की लड़ाई में आप ऐसे बना रही अपनी जगह, इनके लिए बन सकती है चुनौती

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र की सत्ता पर काबिज महाविकास अघाड़ी गठबंधन बनाम भाजपा और राज ठाकरे के बीच चल रही जंग के बीच आम आदमी पार्टी प्रदेश में अपना रास्ता तैयार करने में जुट गई है। दलों के बीच चल रही तीखी बयानबाजी के आड़ में पार्टी अपना आधार बनाने की कोशिश कर रही है। आप ने कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं को पार्टी में शामिल करने के लिए संपर्क करने किया है। इनमें मुंबई से दो पूर्व लोकसभा सांसद और एक नेता पश्चिमी महाराष्ट्र से है। हालांकि आप से जुड़े सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र में पार्टी को खड़ा करने के लिए कुछ नेताओं के साथ बातचीत चल रही है। लेकिन ये ऐसे नेता हैं जिन्होंने हमसे संपर्क किया हैं। हमारी तरफ से किसी भी नेता से संपर्क नहीं किया गया है। आम आदमी पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पंजाब में एतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद कई राज्यों में नए सिरे से लोगों को पार्टी से जोड़ने की कवायद चल रही है। बीएमसी चुनाव को देखते हुए मुंबई में भी यह अभियान चलाया जा रहा है। महाराष्ट्र के कई छोटे-बड़े नेता पार्टी में शामिल होने को लेकर हमसे संपर्क कर रहे हैं। इनमें अधिकांश नेता ऐसे हैं जो अपनी पार्टी के रवैये से नाखुश हैं। इनमें कांग्रेस, एनसीपी के अलावा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना से जुड़े लोग शामिल हैं।

कांग्रेस नेताओं के आप में शामिल होने पर सूत्र का कहना है कि कुछ नेता होकर हमसे संपर्क करने की कोशिशें कर रहे हैं। राज्य के पूर्व सांसद और पूर्व मंत्रियों के साथ फिलहाल बातचीत चल रही है, लेकिन अभी कुछ तय नहीं हुआ है। ये नेता हमारी पार्टी के लिए क्या योगदान देंगे अभी इसे लेकर चर्चा हो रही है। इसके बाद राज्य की पार्टी इकाई इन नेताओं के नाम केंद्रीय नेतृत्व को नाम भेज देगी। पार्टी में शामिल करने को लेकर अंतिम निर्णय वहीं से किया जाएगा। इधर, महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि फिल्हाल आम आदमी पार्टी राज्य के विभिन्न शहरों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और लोगों को जोड़ने के लिए तेजी से प्रयास कर रही हैं। पंजाब, उत्तराखंड और गोवा के विधानसभा चुनाव के दौरान महाराष्ट्र से भी कुछ कार्यकर्ताओं को वहां भेजा गया था। अब यही कार्यकर्ता महाराष्ट्र में पार्टी से लोगों को जोड़ने का काम कर रहे हैं। जहां तक कुछ पूर्व सांसदों के आप में शामिल होने का सवाल है, तो फिलहाल हमारी राज्य में सरकार है, ऐसे में कोई वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़कर नहीं जाएगा। लेकिन अगर हिमाचल और गुजरात में आप का प्रदर्शन अच्छा होता है फिर कई पार्टियों के नेताओं के लिए ये पार्टी एक नया विकल्प बनेगी।

मुंबई में बीएमसी के चुनाव होने वाले हैं। हाल के दिनों में देश में हुए चुनावों में आप का प्रदर्शन अच्छा रहा है। ऐसे में अब पार्टी दूसरे राज्यों में भी अपनी जगह तलाश रही है। कुछ दिन पहले ही आप ने गुवाहाटी में हुए नगर निगम चुनाव में अपना खाता खोला और एक सीट पर जीत दर्ज की। ऐसे में कहीं न कहीं उसकी नजर अब बीएमसी चुनावों पर है। इसी बीच हाल ही में आप की मुंबई इकाई भी हनुमान चालीसा विवाद में कूद पड़ी थी। पार्टी ने ट्विटर में स्पेस क्रिएट कर हनुमान चालीसा करने का पाठ का आयोजन भी किया था। प्रदेश के राजनीतिक जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र में पिछले चुनावों में आप को सफलता नहीं मिली थी, लेकिन पार्टी ने पंचायत चुनावों में कुछ जगह अच्छी जीत दर्ज की है। आप के हनुमान चालीसा विवाद में कूदने की सबसे बड़ी वजह यह है कि उसे यह पता है कि मुसलमानों का वोट कहां जाएगा, यह तय है। ऐसे में वह हिंदुओं का वोट वह बांट सकती है। उसकी नजर इसी वोट बैंक पर है। राज्य में मुसलमानों के वोट बैंक पर ओवैसी के अलावा कांग्रेस का कब्जा रहा है। ऐसे में अब जो जगह बची है उनमें हिंदू वोटर अहम है। इसलिए आप भाजपा, शिवसेना और मनसे के रास्ते पर चलते हुए ही इस वोट बैंक पर अपनी पकड़ बना सकती है। 2021 में हुए महाराष्ट्र पंचायत चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 300 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे, जिसमें 145 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। इतना ही नहीं आप को चार ग्राम पंचायतों में पूर्ण बहुमत भी मिला था। इसे महाराष्ट्र की राजनीति में आम आदमी पार्टी की दमदार एंट्री माना जा रही है। पार्टी ने हिंगोली में 11, लातूर में 5, जालना में 4, सोलापुर में 11, नागपुर में 6, गढ़चिरौली में 29, वाशिम में एक, यवतमाल में 41, बुलढाणा में 18, चंद्रपुर में 10, भंडारा में 3 सीटों पर जीत दर्ज की है। इसके अलावा चार ग्राम पंचायत पैनल्स में भी पूर्ण बहुमत हासिल किया था।


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay