जीएसटी परिषद की सिफारिश राज्यों के लिए अनिवार्य नहीं

जीएसटी परिषद की सिफारिश राज्यों के लिए अनिवार्य नहीं

मुंबई, जीएसटी काउंसिल की सिफारिशों को लेकर हिंदुस्थान की शीर्ष अदालत ने अहम फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसला में कहा है कि जीएसटी काउंसिल सिर्फ करों को लेकर सलाह और विचार विनिमय करने के लिए है, जबकि उसकी सिफारिशें राज्य सरकारों के लिए बाध्यकारी नहीं हैं। जीएसटी काउंसिल द्वारा की गई सिफारिशों को अस्वीकार करने का अधिकार राज्य और केंद्र सरकार का है। गुजरात उच्च न्यायालय में जीएसटी वसूली को लेकर दिए गए एक फैसला के खिलाफ गुजरात सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में शरण लिया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की सिफारिशें कोई भी हों, बावजूद उसका क्रियान्वयन करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार बाध्यकारी नहीं है। आदेश में यह भी कहा गया है कि इन सिफारिशों को केवल सलाह और सुझावों के तौर पर देखा जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसला में कहा कि जीएसटी काउंसिल के प्रत्येक निर्णय का क्रियान्वयन करना जरूरी नहीं है। हालांकि उसकी सिफारिशों के आधार पर केंद्र और राज्य सरकार अपनी नीति तय कर सकती हैं। अपने फैसला में कोर्ट ने कहा कि केंद्र और राज्यों को जीएसटी पर कानून लागू करने का अधिकार है। उन्हें उचित सलाह के लिए जीएसटी काउंसिल है। केंद्र और राज्यों में कर वसूली को लेकर व्यावहारिक मार्ग निकालने के लिए जीएसटी काउंसिल को सुसंगति पद्धति से काम करना चाहिए। राज्य और केंद्र सरकार के पास जीएसटी काउंसिल की सिफारिशों को मंजूर और नामंजूर करने का सभी अधिकार है।


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay