मेट्रो-6 कॉरिडोर की डेडलाइन करीब, मुंबई मेट्रो का काम अधूरा... हो सका महज 58 पर्सेंट काम

मेट्रो-6 कॉरिडोर की डेडलाइन करीब, मुंबई मेट्रो का काम अधूरा... हो सका महज 58 पर्सेंट काम

मुंबई : मेट्रो-6 कॉरिडोर की डेडलाइन अक्टूबर 2022 तय की गई थी। लेकिन अब तक केवल 58 फीसदी काम ही हो सका है। स्वामी समर्थ नगर से विक्रोली के बीच बन रहे मेट्रो-6 कॉरिडोर के प्रस्ताव को राज्य सरकार से 2017 में मंजूरी मिली थी। 2018 के करीब कॉरिडोर के निर्माण कार्य की शुरुआत हुई थी। काम शुरू करते वक्त इसकी डेडलाइन अक्टूबर 2022 तय की गई थी।

जून 2022 तक कॉरिडोर का करीब 58 फीसदी ही सिविल वर्क पूरा हो पाया है। करीब 15 किमी लंबे कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा होने में अभी करीब दो साल का समय और लग सकता है। तय समय तक काम पूरा नहीं होने की वजह से यात्रियों को जल्द ट्रैफिक से निजात मिलने की उम्मीद कम है। मेट्रो-6 कॉरिडोर के बन जाने से जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड का टैफिक कम होने की उम्मीद लगाई जा रही है।

एमएमआर रीजन में मेट्रो के 13 कॉरिडोर पर काम काम चल रहा है। मेट्रो-6 कॉरिडोर को छोड़कर सभी कॉरिडोर का निर्माण जमीन से करीब 16 मीटर की ऊंचाई पर हो रहा है। स्वामी समर्थ नगर से विक्रोली के बीच बन रहे मेट्रो-6 कॉरिडोर का निर्माण जमीन से 38 मीटर की ऊंचाई पर किया जा रहा है। आमतौर पर एक मंजिला इमारत 3 मीटर की होती है। इस हिसाब से देखा जाए तो मुंबई में बन रही मेट्रो-6 की ऊंचाई 13 मंजिला इमारत के बराबर ऊंची होगी।

एमएमआरडीए करीब 15 किमी लंबा मेट्रो-6 कॉरिडोर तैयार कर रही है। यह कॉरिडोर लोखंडवाला-जोगेश्वरी-कांजुरमार्ग से होते हुए विक्रोली तक जाएगा। मेट्रो-6 के कुल 13 स्टेशन होंगे। इस योजना की कुल लागत 6,716 करोड़ रुपये है।

मेट्रो-4 और मेट्रो-6 इन दोनों कॉरिडोर के स्टेशन एकदूसरे से कनेक्ट करने के लिए इन्हें फुट ओवर ब्रिज से भी जोड़ा जाएगा। दोनों मेट्रो के स्टेशन लगभग 100 मीटर के अंतराल पर तैयार हो रहे हैं। मेट्रो-4 के निर्माण से जहां पड़ोसी शहर ठाणे को कनेक्टिविटी मिलेगी, वहीं मेट्रो-6 मुंबई के ईस्ट और वेस्ट इलाकों को जोड़ने में मददगार साबित होगा।

एमएमआरडीए के अनुसार, मेट्रो-6 कॉरिडोर पर यात्रियों को 4 जगहों पर इंटरचेंज करने की सुविधा मिलेगी। आदर्श नगर (मेट्रो 2-ए), जेवीएलआर (मेट्रो 7), सीप्ज विलेज (मेट्रो 3), कांजुरमार्ग (मेट्रो 4) स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा यात्रियों को मिलेगी।

इस कॉरिडोर के बन जाने से यात्रियों को ईस्ट से वेस्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगा। यह कॉरिडोर मुंबई के दो प्रमुख हाइवे से होकर गुजरने वाला है। इस वजह से मेट्रो के माध्यम से यात्री चंद मिनटों में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे तक पहुंच सकेंगे। साथ ही कॉरिडोर आरे रोड, पवई लेक, गांधीनगर जंक्शन, जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड को कनेक्ट करने का काम करेगा।



लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay