ऑस्ट्रेलिया : कैसे काम करता है और कितना सुरक्षित है मॉडर्ना का कोविड टीका?

ऑस्ट्रेलिया : कैसे काम करता है और कितना सुरक्षित है मॉडर्ना का कोविड टीका?

ऑस्ट्रेलिया : बोस्टन स्थित फार्मास्युटिकल कंपनी मॉडर्ना ने कोविड-19 के अपने टीके की 2.5 करोड़ खुराकों के लिए ऑस्ट्रेलिया के साथ नए आपूर्ति समझौते की रातों-रात घोषणा की है। इस समझौते में एक करोड़ खुराक कोरोना वायरस के मूल स्वरूप के खिलाफ हैं जिनकी आपूर्ति इस साल की जानी है। 

कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में इस टीके का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है लेकिन यह टीका काम कैसे करता है, कितना सुरक्षित है और कोरोना वायरस के परिवर्तित स्वरूपों पर कारगर है या नहीं इसे लेकर कई सवाल हैं। कई देशों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आपातकालीन प्रयोग के तहत इसके इस्तेमाल को स्वीकृति दी है।

ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए मॉडर्ना के सौदे में इसके अद्यतन प्रकार समर्थक (वैरिएंट बूस्टर) संभावित टीके की 1.5 करोड़ खुराकें भी शामिल हैं जो 2022 तक उपलब्ध कराई जा सकती हैं। यह सौदा ऑस्ट्रेलिया के औषध नियामक, थेरेप्यूटिक गुड्स एडमिनिस्ट्रेशन (टीजीए) की स्वीकृति के अधीन है- मूल टीके और बूस्टर दोनों के लिए। मॉडर्ना द्वारा 'जल्द ही इस संबंध में टीजीए के समक्ष एक आवेदन जमा किए जाने की संभावना है।

मूल प्रकार के खिलाफ मॉडर्ना का टीका दो खुराकों में दिया जाता है। दोनों टीकें और इसका अद्यतन बूस्टर टीका एमआरएनए टीके हैं (जैसे फाइजर का टीका है)। इस टीके में हमारी कोशिकाओं को कोरोना वायरस का 'स्पाइक प्रोटीन बनाने के लिए आनुवंशिक निर्देश होते हैं। एमआरएनए एक तैलीय खोल में लिपटा होता है जो शरीर में इसे तत्काल विकृत होने से रोकता है और सुनिश्चित करता है कि टीका लगने के बाद यह कोशिकाओं तक पहुंचे।

एक बार एमआरएनए कोशिका में पहुंच जाए तो यह स्पाइक प्रोटीन में बदल जाता है जिसे हमारा प्रतिरक्षा तंत्र पहचान लेता है। हमारा प्रतिरक्षा तंत्र स्पाइक प्रोटीन के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है और यह सीखता है कि अगर भविष्य में कभी कोरोना वायरस हमारे शरीर में प्रवेश करे तो उससे कैसे लड़ना है।



लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay