लोकल ट्रेनों में फेक ID से यात्रा करने वालों को भरना पड़ा 10.09 लाख रुपए का जुर्माना

लोकल ट्रेनों में फेक ID से यात्रा करने वालों को भरना पड़ा 10.09 लाख रुपए का जुर्माना

मुंबई : मुंबई की लोकल ट्रेनों में अगर अभी भी लोग फेक आईडी से यात्रा कर रहे हैं, तो सावधान हो जाएं. यह गलती भारी पड़ेगी. दरअसल, सेंट्रल रेलवे ने कोरोना वायरस महामारी के बीच फर्जी पहचान पत्रों के साथ मुंबई की उपनगरीय लोकल ट्रेनों में सफर कर रहे 2,018 लोगों को पकड़ा और एक महीने में उनसे 10.09 लाख रुपए का जुर्माना वसूला है . औसतन हर यात्री से 500 रुपए वसूले गए हैं. 

कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर अभी केवल स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों, अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले कर्मियों और सरकारी कर्मचारियों को ही मुंबई की लोकल ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति है. मध्य रेलवे के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि ये यात्री 28 अप्रैल से 31 मई के बीच फर्जी पहचान पत्र के साथ पकड़े गए. आपदा प्रबंधन कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई.

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मध्य रेलवे के मुंबई रेलवे के कर्मचारियों ने अप्रैल और मई के बीच टिकटों की जांच के लिए व्यापक अभियान चलाया और बिना टिकट यात्रा कर रहे 1.50 लाख यात्रियों से 9.50 करोड़ रुपये वसूल किए. इसमें बताया कि इसके अलावा टिकट जांच कर्मियों के विशेष दलों ने मास्क न लगाने वाले 1,269 यात्रियों को पकड़ा और उनसे 17 अप्रैल से दो जून के बीच 2.40 लाख रुपये का जुर्माना लिया.


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay