टीकाकरण को गति देने के लिए, टीका पहुंचेगा आपके द्वार !

टीकाकरण को गति देने के लिए, टीका पहुंचेगा आपके द्वार !

मुंबई, राज्य में टीकाकरण को गति देने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। मंगलवार को मुंबई उच्च न्यायालय में राज्य सरकार ने जानकारी दी है कि बुजुर्गों, शारीरिक रूप से कमजोर और चल-फिर नहीं सकनेवाले लोगों को घर-घर जाकर टीका लगाने की योजना को सप्ताहभर में अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस आशय का मसौदा राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रही वकील गीता शास्त्री ने मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी की खंडपीठ के समक्ष पेश किया है। इस मसौदे से यह साफ हो गया है कि अब टीका आपके द्वार पहुंचनेवाला है और ये चमत्कार महज सप्ताहभर में दिखाई दे सकता है।
सरकारी वकील गीता शास्त्री ने खंडपीठ को बताया कि ७५ वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों, दिव्यांगों को घर-घर जाकर कोरोना वैक्सीन देने के संबंध में आनेवाले एक सप्ताह में निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है। कोरोना टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना, अपॉइंटमेंट लेना जरूरी है। सभी बुजुर्ग ऑनलाइन पंजीकरण करा लेंगे, ऐसा संभव नहीं है। ‌इसके अलावा टीकाकरण केंद्रों पर ३ से ४ घंटे तक टीके के लिए इंतजार करना पड़ता है, जिसकी वजह से ७५ वर्ष से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों, शारीरिक रूप से कमजोर और चल-फिर नहीं सकनेवाले लोगों को घर-घर जाकर टीका लगाने की मांग एडवोकेट धृति कापड़िया ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर की है। इस याचिका पर मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी की खंडपीठ में सुनवाई हुई।
एडवोकेट गीता शास्त्री ने राज्य सरकार का पक्ष रखा। शास्त्री ने बंद लिफापेâ में खंडपीठ को रिपोर्ट भी दी। शास्त्री ने खंडपीठ को बताया कि राज्य सरकार ने इस तरह की एक नीति बनाने के लिए विशेषज्ञों की एक विशेष समिति गठित की है। नीति का ब्योरा अब तक सार्वजनिक नहीं किया जा सका है लेकिन इसे एक सप्ताह के अंदर अंतिम रूप दे दिया जाएगा और अदालत को सौंप दिया जाएगा।


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay