माल्या, मेहुल और नीरव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, १८ हजार करोड़ की संपत्ति

माल्या, मेहुल और नीरव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, १८ हजार करोड़ की संपत्ति

मुंबई, सरकारी बैंकों को हजारों करोड़ रुपयों का चूना लगाकर कारोबारी विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी देश से भले ही फरार हो गए हों पर देनदारी से नहीं भाग पाए। हिंदुस्थानी जांच एजेंसियों द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। ईडी के अनुसार उसके द्वारा जब्त की गई भगोड़े कारोबारियों माल्या, नीरव व चोकसी की ९,३७१ करोड़ रुपए की संपत्ति सरकारी बैंकों को सौंप दी गई है, ताकि उनके खिलाफ की गई धोखाधड़ी से हुई नुकसान की भरपाई हो सके। ईडी ने एक बयान में कहा कि तीनों की धोखाधड़ी से बैंकों को कुल २२,५८५.८३ करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
ईडी ने सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वित्तीय जांच एजेंसी ने कहा कि ईडी ने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन के असंख्य जालों का पता लगाकर और विदेशों में संपत्ति को छिपाकर त्वरित कार्रवाई की है। ईडी ने कहा, ‘जांच ने यह भी साबित कर दिया है कि इन तीनों आरोपियों ने अपने द्वारा नियंत्रित नकली संस्थाओं का इस्तेमाल बारी-बारी से किया और बैंकों द्वारा उपलब्ध कराए गए धन का गबन किया।’ ईडी ने १८,१७०.०२ करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क या जब्त की है, जिसमें विदेशों में स्थित ९६९ करोड़ रुपए की संपत्ति शामिल है। इसमें कहा गया है कि कुर्क की गई और जब्त की गई संपत्ति की मात्रा २२,५८५.८३ करोड़ रुपए के कुल बैंक नुकसान का ८०.४५ प्रतिशत है। ईडी की जांच से साबित हुआ है कि इन संपत्तियों का बड़ा हिस्सा नकली संस्थाओं के नाम पर था। ट्रस्ट, तीसरे व्यक्ति, इन आरोपियों के रिश्तेदार और ये संस्थाएं इन संपत्तियों को रखने के लिए इन आरोपियों के प्रॉक्सी थे। मंगलवार को ईडी ने तीनों आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए की जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की है। ईडी ने कहा, ‘इन व्यक्तियों के लिए यूके और एंटीगुआ और बारबुडा को प्रत्यर्पण अनुरोध भेजे गए हैं। माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा दिया गया है और यूके उच्च न्यायालय द्वारा पुष्टि की गई है। चूंकि माल्या को यूके सुप्रीम में अपील दायर करने की अनुमति से वंचित कर दिया गया है, उसका हिंदुस्थान में प्रत्र्यपण फाइनल हो गया है।’


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay