पनवेल-कर्जत कॉरिडोर का काम सुरंग निर्माण के लिए १४ जुलाई को खुलेगी निविदा

पनवेल-कर्जत कॉरिडोर का काम सुरंग निर्माण के लिए १४ जुलाई को खुलेगी निविदा

मुंबई, रेलवे की बहुप्रतीक्षित रेल परियोजनाओं में से एक पनवेल-कर्जत कॉरिडोर के लिए मुंबई रेल विकास निगम ने भले ही जमीन की तलाश शुरू कर दी है लेकिन इस परियोजना का काम जमीन अधिग्रहण न होने के कारण थमा नहीं है। मानसून के कारण इस परियोजना का काम प्रभावित हुआ है लेकिन थमा नहीं है। इस परियोजना के अंतर्गत ५८ ब्रिज बनाए जाएंगे। सुरंग के काम के लिए निविदा आमंत्रित की गई है और १४ जुलाई को निविदा खुलनेवाली है।
एमआरवीसी के अधिकारियों का कहना है कि अर्थवर्क, पुलों और रेल-फ्लाईओवरों के लिए ठेके दिए गए हैं और साइट तैयार करने, मिट्टी के काम के लिए स्रोतों की मंजूरी, टेस्ट पाइल आदि के प्रारंभिक कार्यों के बाद काम शुरू कर दिया गया है। सुरंग के काम के लिए निविदा आमंत्रित की गई है और १४ जुलाई को खुलनेवाली है। मानसून के कारण इस परियोजना की प्रगति जरूर प्रभावित हुई है। बता दें कि इस प्रोजेक्ट का मकसद है नई मुंबई के रायगढ़ जिलेवाले क्षेत्र को कर्जत तक जोड़ना और एमएमआर रीजन का विस्तार करना। इससे मुंबई लोकल को एंड टू एंड कनेक्टिविटी भी मिलेगी तथा पनवेल और कर्जत के बीच नए कॉरिडोर के आस-पास विकास भी होगा। कॉरिडोर के निर्माण के लिए एमआरवीसी को प्राइवेट, सरकारी या वन्य भूमि की तलाश है। इनमें से कुछ जमीन मिल गई है जबकि कुछ जमीन का अधिग्रहण जारी है।
पिछले एक साल से कोरोना के कारण कई प्रोजेक्ट का काम रुका हुआ है या बहुत धीमी गति से हो रहा है। इसके कारण कई प्रोजेक्ट्स की लागत राशि भी बढ़नेवाली है लेकिन पनवेल-कर्जत कॉरिडोर का काम पहले से काफी धीमा है। करीब चार साल पहले इस कॉरिडोर को अप्रूवल मिला था और इसकी लागत राशि २,७८३ करोड़ रुपए तय की गई थी। इस २८ किमी लंबे कॉरिडोर के लिए प्रशासन ३२ हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण करने की तलाश में जुटा हुआ है। इसमें से करीब ९ हेक्टेयर जमीन वन्य भूमि क्षेत्र के अंतर्गत है।



लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay