ठाकरे सरकार का बड़ा फैसला, जिन इलाकों में खत्म हो रहा है कोरोना वहां 8वीं से 12वीं क्लास के स्कूल खुलेंगे

ठाकरे सरकार का बड़ा फैसला, जिन इलाकों में खत्म हो रहा है कोरोना वहां 8वीं से 12वीं क्लास के स्कूल खुलेंगे

मुंबई : महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण में कमी आते ही अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई है. कोरोनाकाल में बंद हो चुके स्कूलों को फिर खोले जाने पर काम शुरू हो गया है. कोरोनामुक्त भागों में अब 8 वीं से 12 वीं तक के स्कूल शुरू होंगे.  ठाकरे सरकार ने इस संबंध में  सरकार की ओर से लिए गए इस निर्णय का प्रस्ताव जारी किया है. महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा विभाग की ओर से यह बड़ा निर्णय लिया गया है. इस निर्णय के तहत कोरोना मुक्त क्षेत्रों के ग्राम पंचायतों के नियंत्रण में आने वाले गांवों के स्कूलों में 8 वीं से 12 वीं तक के लिए कक्षाएं लगाने की शुरुआत की जाए. लेकिन इससे संबंधित निर्णय लेने का अधिकार ग्राम पंचायतों को दिया गया है. यानी स्थितियों को देखते हुए वे निर्णय लेने में सक्षम होंगे.

इसके लिए ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया गया है कि स्कूल शुरू करने से पहले वे अभिभावकों से बात करें, विद्यार्थियों को एक साथ नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से बुलाया जाए. यानी हफ्ते के दिनों में अदला-बदली या सुबह या दोपहर की दो शिफ्ट जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया जाए. इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सकेगा.

लेकिन स्कूलों में कोरोना नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा. सरकार की ओर से जो नियम बताए गए हैं उनका सख्ती से अमल होना जरूरी है. एक बेंच पर एक ही विद्यार्थी के बैठने की व्यवस्था करवाई जाए. दो विद्यार्थियों के बीच 6 फुट का अंतर रखा जाना जरूरी है. एक रूम में ज्यादा से ज्यादा 15 से 20 विद्यार्थियों की संख्या होनी चाहिए. बार-बार साबुन से हाथ धोने के नियम का पालन, मास्क का इस्तेमाल, कोई भी लक्षण दिखाई देने पर विद्यार्थी को घर भेजना, तुरंत कोरोना की टेस्टिंग जैसे नियमों का पालन किया जाना जरूरी है.

सरकार ने जो निर्देश दिए हैं उसके तहत हो सके तो संबंधित स्कूलों के शिक्षकों के रहने की व्यवस्था वहीं की जाए जहां स्कूल है. साथ ही उन्हें सार्वजनिक वाहन से आने-जाने से भी रोका जाना जरूरी है.  स्कूल परिसर में स्वच्छता और सेहत का ध्यान रखना जरूरी है. स्कूलों में सैनिटाइजर, साबुन जैसी चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई जाए.

यह निर्देश दिया गया है कि अगर किसी स्कूल को क्वारंटाइन सेंटर के तौर पर चलाया जा रहा है, तो उसे कहीं और स्थानांतरित किया जाए. लेकिन ऐसा करने से पहले स्कूल परिसर का सैनिटाइजेशन किया जाए. क्वारंटाइन सेंटर कहीं और ले जाना संभव नहीं हुआ तो कक्षाएं खुली जगहों पर या कहीं और लगायी जाएं.  शिक्षकों की कोविड टेस्टिंग किया जाना भी जरूरी है. 



लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay