मुंबई : १,००० तक पहुंच सकते हैं एलपीजी सिलेंडर के दाम

मुंबई : १,००० तक पहुंच सकते हैं एलपीजी सिलेंडर के दाम

मुंबई : एक ओर घरेलू गैस सिलेंडर के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं, तो दूसरी ओर उस पर मिलनेवाली सब्सिडी लगभग खत्म हो चुकी है। केंद्र की मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार को रोकने के नाम पर ऐसा ‘खेला’ खेला कि सिलेंडर रीफिल के वक्त सीधे ग्राहक के खाते में ट्रांसफर होनेवाली सब्सिडी धीरे-धीरे खत्म हो गई और किसी को पता तक नहीं चला। देश के अधिकांश एलपीजी उपभोक्ताओं को पिछले डेढ़ साल से सब्सिडी के नाम पर एक धेला तक नहीं मिला है। घरेलू सिलेंडर के दाम दोगुना हो गए और उन पर मिलनेवाली सब्सिडी शून्य। मई २०२० से, कई क्षेत्रों में एलपीजी सब्सिडी बंद हो गई है, कुछ को छोड़कर जो दूर-दराज के और एलपीजी प्लांट से दूर हैं। इस बीच रसोई गैस सिलेंडर की सब्सिडी को लेकर एक बड़ी जानकारी भी है। केंद्र सरकार के एक आंतरिक मूल्यांकन में संकेत मिला है कि एलपीजी सिलेंडर के लिए ग्राहकों को प्रति सिलेंडर १,००० रुपए का भुगतान करना पड़ सकता है। हालांकि, इस पर सरकार का क्या विचार है यह अभी पूरी तरह साफ नहीं है।
देश के एक प्रसिद्ध बिजनेस न्यूजपेपर के अनुसार, ‘सरकार ने मई, २०२० में एलपीजी सब्सिडी खत्म कर दी थी। उस समय घरेलू १४.२ किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में ५८१.५० रुपए प्रति सिलेंडर थी। उसके बाद कीमत लगातार बढ़ी, लेकिन रसोई गैस सब्सिडी नहीं दी गई। अब दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत ८८४.५० रुपए है, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। खबर के मुताबिक, ‘पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय उस सीमा का मूल्यांकन कर रहा है, जिस पर रसोई गैस सब्सिडी बहाल की जाएगी। इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत निर्धारित करने के लिए एक सर्वे कराया जा रहा है। इस विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है कि सब्सिडी सिर्फ प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (पीएमयूवाई) लाभार्थियों तक सीमित रखी जाए।’ हालांकि, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने कुछ दिन पहले एक उपभोक्ता द्वारा पूछे जाने पर कहा था कि ‘सब्सिडी समाप्त नहीं की गई है। अभी भी घरेलू एलपीजी गैस पर सब्सिडी प्रचलन में है। ये अलग-अलग बाजारों में अलग-अलग होती है। आपके कनेक्शन पर मई २०२० से कोई सब्सिडी नहीं जनरेट हुई है, इसलिए इसे खाते में नहीं भेजा गया।’
घरेलू रसोई गैस की कीमत पिछले ७ वर्षों में दोगुनी से अधिक हो गई है। १ मार्च, २०१४ को घरेलू गैस का खुदरा बिक्री मूल्य दिल्ली में ४१०.५ रुपए प्रति सिलेंडर १४.२ किलोग्राम था, जो अब ८८४.५० रुपए हो चुका है। एलपीजी सब्सिडी के तहत एक परिवार को एक साल में १२ सिलेंडर दिए जाते हैं, लेकिन मई २०२० से कुछ बाजारों में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर पर उपभोक्ताओं को शून्य सब्सिडी दी गई है। एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम की बात करें तो साल २०२१ में अब तक १९०.५० रुपए की बढ़ोतरी की गई है। १ सितंबर को १४.२ किलो के सिलेंडर यानी घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में २५ रुपए की बढ़ोतरी हुई थी।
हकीकत यह है कि जनवरी से अप्रैल २०१८ के बीच उपभोक्ताओं को प्रति घरेलू सिलेंडर के रीफिल पर ३९७ रुपए की सब्सिडी मिलती थी, जो मई से अक्टूबर २०१८ के बीच ३५५ रुपए और नवंबर- दिसंबर २०१८ में घटकर ३३० रुपए हो गई थी। जबकि जनवरी से अप्रैल २०१९ के कालखंड में यह और कम होकर २९० रुपए तो मई से अगस्त २०१९ में कम होकर २४५ रुपए हो गई। २०१९ की दूसरी छमाही में सितंबर से दिसंबर के बीच इसे घटाकर १९० रुपए कर दिया गया। गत वर्ष, २०२० में यह जनवरी से अप्रैल के बीच ११० रुपए तक नीचे आ गई और फिर मई से दिसंबर २०२० के बीच यह महज ३५.५० रुपए ही रह गई। इस वर्ष जनवरी से अगस्त २०२१ के बीच यह ३५ रुपए पर ही बरकरार है। आज अधिकांश शहरों में रसोई गैस पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती। केंद्र ने कुछ राज्यों के लिए ढुलाई पर सब्सिडी जारी रखी है। हर मामले में सब्सिडी की राशि अलग-अलग है, लेकिन यह ३०-३५ रुपए प्रति सिलिंडर ही है। सब्सिडी पर सरकार का खर्च वित्तीय वर्ष २०२१ के दौरान ३,५५९ रुपए रहा। वित्तीय वर्ष २०२० में यह खर्च २४,४६८ करोड़ रुपए का था। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि २०२० मई से सब्सिडी वाले और बिना-सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत में कोई अंतर नहीं है इसलिए किसी भी ग्राहक को सब्सिडी नहीं दी जा रही है।


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay