यात्रियों ने उठाया मध्य रेलवे की विस्टाडोम वाली ट्रेन का लुत्फ

यात्रियों ने उठाया मध्य रेलवे की विस्टाडोम वाली ट्रेन का लुत्फ

मुंबई, मुंबई-पुणे रूट पर पहली बार शनिवार को डेक्कन एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन में विस्टाडोम कोच लगाया गया और रेलवे की इस पहल का लोगों ने जमकर फायदा लिया। पहले दिन विस्टाडोम कोच की सभी सीटें हाउसफुल रहीं। इस ट्रेन ने पहली बार एलएचबी रेक और विस्टाडोम कोच के साथ अपनी पहली यादगार यात्रा की।
लोगों को यात्रा का एक बेहतरीन अनुभव देने के लिए रेलवे ने भारतीय रेल में विस्टाडोम कोच की शुरुआत की है। जिन रूट पर प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठाया जा सकता है, उन रूट की लोकप्रिय ट्रेनों में इस तरह के कोच लगाए जाते हैं। एक कोच में ४४ सीटें होती हैं। ये कोच बड़ी खिड़कियां, शीशे जैसी छत और सेल्फी पॉइंट जैसी मनोरंजक सुविधाओं से लैस होता है।
यात्रियों को लुभाने के लिए यात्रा की शुरुआत से पहले स्टेशन पर केक काटा गया। ट्रेन को पहली यात्रा के लिए सजाया गया। गौरतलब है कि इस ट्रेन में विस्टाडोम कोच के साथ ही ट्रेन में एलएचबी कोच हैं। पारंपरिक कोच से ज्यादा सुरक्षित एलएचबी कोच ट्रेन की स्पीड बढ़ाने में भी सहायक होते हैं।
मुंबई-पुणे रूट पर मानसून के दिनों में भोर घाट से जब ट्रेन गुजरती है, तब प्रकृति के विहंगम दृश्य देखने को मिलते हैं। प्रकाश पवार नाम के यात्री ने कहा कि वह मुंबई और पुणे के बीच एक नियमित यात्री है और इस विस्टाडोम कोच को जोड़ने से भोर घाट में उनकी यात्रा और भी सुखद हो जाएगी। इस ट्रेन में सयाली, जो पहली बार विस्टाडोम में यात्रा कर रही थीं, ने कहा कि उन्होंने बड़ी खिड़की के शीशों से दृश्यों का आनंद लिया और मानसून के दौरान हरियाली ने इस आनंद को दोगुना कर दिया है।
इस ट्रेन के विस्टाडोम कोच से यात्री माथेरान पहाड़ी (नेरल के पास), सोनगिर पहाड़ी (पलासधारी के पास), उल्हास नदी (जाम्ब्रुंग के पास), उल्हास घाटी, खंडाला और लोनावला का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा दक्षिण पूर्व घाट खंड पर झरने, सुरंगों, क्षेत्रों के पास से गुजरते हुए मनोहारी प्राकृतिक सुंदरता और प्रकृति को नजदीक से देखने का आनंद ले सकेंगे।


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay