महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर पर विवाद: सामाजिक विद्वेष फैलाने वाले बयान न दें- गृहमंत्री दिलीप वालसे पाटिल

महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर पर विवाद: सामाजिक विद्वेष फैलाने वाले बयान न दें- गृहमंत्री दिलीप वालसे पाटिल

महाराष्ट्र : महाराष्ट्र के गृहमंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने कम्युनल बयान देने वाले नेताओं को चेतावनी दी है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि किसी को भी ऐसे बयान नहीं देने चाहिए, जिससे सामाजिक विद्वेष फैले। उन्होंने कहा कि पुलिस को इस पर नजर रखनी चाहिए। उनका यह बयान महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर को हटाने वाले बयान के जवाब में आया है। शनिवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में एक रैली को संबोधित करते हुए मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने चेतावनी भी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर इस पर सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया तो मंदिरों में भी लाउडस्पीकरों पर तेज आवाज में हनुमान चालीसा बजाई जाएगी।  राज ठाकरे के इस कदम का बीजेपी के पदाधिकारी मोहित कांबोज ने भी समर्थन किया था। उन्होंने मंदिरों में लाउडस्पीकर लगाने के लिए फंड देने की बात कही थी। उन्होंने मस्जिदों में लगे अवैध लाउडस्पीकरों को हटाने की मांग करते हुए मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ कराने का समर्थन किया था। 

इस पर महाराष्ट्र के गृहमंत्री पाटिल ने कहा कि सरकार का विचार है कि किसी को भी ऐसे कदम नहीं उठाने चाहिए जिससे दो समुदायों के बीच विवाद पैदा हो। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के खिलाफ इसको लेकर मामला दर्ज किए जाने की मांग को लेकर दिलीप वालसे पाटिल ने कहा कि हम इसकी जांच करा रहे हैं उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।  उन्होंने आगे कहा कि मैने विधानमंडल में भी इस बात को कहा था कि कुछ नेता और पार्टियां अपने बयानों के जरिए राज्य में दो समुदायों के बीच विवाद पैदा करना चाह रही हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और देश की एकता को तोड़ने के लिए सामाजिक विद्वेष फैलाना ठीक नहीं है। ऐसा किसी को भी नहीं करना चाहिए।  एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार रात को महाराष्ट्र के सभी विधायकों को खाने पर आमंत्रित किया है। दरअसल, संसद के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी पार्टियों के नेता वहां पहुंचे है। इस बैठक में कांग्रेस शिव सेना और एनसीपी के नेता शामिल होंगे। 


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay