मुंबई : फ्लैट बेचने के लिए हाउसिंग सोसायटी की NOC नहीं होगी जरूरी, राज्य सरकार ने क्यों किया ऐलान...

मुंबई : फ्लैट बेचने के लिए हाउसिंग सोसायटी की NOC नहीं होगी जरूरी, राज्य सरकार ने क्यों किया ऐलान...

मुंबई : एक अहम फैसला लेते हुए महाराष्ट्र के हाउसिंग मिनिस्टर डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि अब अपने फ्लैट को बेचने या किराये पर देने के इच्छुक मालिकों को कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी से पहले मंजूरी या नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं होगी। इससे फ्लैट ओनर्स बिना किसी दिक्कत या देरी के अपना घर किराए पर दे सकेंगे या बेच सकेंगे। इससे ओनर्स को सोसायटी की हरी झंडी लेने से जुड़े उत्पीड़न से सुरक्षा मिलेगी।  डॉ. आव्हाड ने कहा, “जानकारी में आया है कि कई हाउसिंग सोसायटीज जाति, पंथ, धर्म, समुदाय, शाकाहार के आधार पर भेदभाव करती हैं और ओनर्स को अपनी प्रॉपर्टी किराये पर देने या बेचने की अनुमति नहीं देती हैं।”

उन्होंने कहा कि एक खास कम्युनिटी के वर्चस्व वाली कुछ सोसायटीज या लोकलिटीज में सिर्फ ‘शाकाहारी’ को प्राथमिकता देने के नाम पर कुछ कम्युनिटीज पर रोक लगा दी गई या दलित और अन्य पिछड़ा वर्गों को रोक दिया गया, जिससे लोगों के बीच खासा गुस्सा है। उन्होंने कहा कानून के तहत अपने घरों को किराये पर देने या बेचने के लिए ओनर को सोसायटी की मंजूरी लेना जरूरी नहीं है। इसके बावजूद कई प्रबंधन समितियां अपनी मंजूरी लेने पर जोर दे रही हैं। डॉ. आव्हाड ने ऐलान किया, “अब यदि ओनर अपने फ्लैट को बेचना या किराये पर देना चाहता है तो उसे सोसायटी की एनओसी लेने की जरूरत नहीं होगी।” उन्होंने कहा, मुंबई के दुनिया का प्रमुख कॉस्मोपोलिटन सिटी है और इस तरह की हरकतों से देश की फाइनेंशियल कैपिटल के रूप में उसकी छवि खराब होगी।


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay