मुंबई में आग ने डराया, पिछले एक साल में 5 बड़े हादसे, जानें कब क्या हुआ

मुंबई में आग ने डराया, पिछले एक साल में 5 बड़े हादसे, जानें कब क्या हुआ

मुंबई: मुंबई शहर में एक तरफ जहां गगनचुंबी इमारतें हैं तो वहीं दूसरी तरफ लाखों की तादात में झुग्गी झोपड़ियां भी हैं। जिनमें करोड़ों लोग रहते हैं, इन झुग्गियों में अगर आग लग जाए तो दमकल विभाग को घटनास्थल तक पहुंचने में नाकों चने चबाने पड़ते हैं। कमोबेश ऐसा ही हाल मुंबई शहर की कई इमारतों का है। जहां पर दमकल विभाग की गाड़ियों के लिए पहुंचना कई बार बहुत मुश्किल होता है। महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई और आसपास के जिलों में अक्सर आग लगने की घटनाएं सामने आती रहती हैं जिनमें कई बार लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ती है। इन हादसों में यह देखा गया है कि इमारतों में ज्यादातर फायर सेफ्टी ऑडिट नहीं करवाया जाता है या आग से बचाव के उपकरण ठीक तरह से काम नहीं कर रहे होते हैं। या फिर कई बार अवैध तरीके से इमारतों का निर्माण करवाया जाता है। जहां आग लगने पर लोगों के लिए वहां से निकल पाना असंभव हो जाता है। मुंबई शहर में इस तरह का यह कोई पहला हादसा नहीं है। इसके पहले भी शहर में आग की घटनाओं ने कई लोगों की जान ली है। इस रिपोर्ट में हम ऐसे ही कुछ घटनाओं का जिक्र करेंगे।
मुंबई शहर के भांडुप इलाके में मौजूद ड्रीम्स मॉल के अंदर चल रहे सनराइज अस्पताल की आग में भी 10 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। यह आग साल 2021 में 25 मार्च को लगी थी। इस अस्पताल में कोरोना मरीजों को भर्ती किया गया था। आधी रात को अचानक आग लगने के बाद कई मारिजों की दम घुटने की वजह से मौत हुई थी।
महाराष्ट्र के भंडारा जिले के सरकारी अस्पताल में भी आग लगने की वजह से 10 नवजात बच्चों की मौत हुई थी। इस घटना में 3 बच्चों की आग से झुलसने की वजह से मौत हुई थी जबकि 7 बच्चों की दम घुटने की वजह से जान गई थी। आग की घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने कुछ नर्स और डॉक्टरों को निलंबित किया था।
मुंबई के लाल बाग इलाके में मौजूद अविघ्न पार्क इमारत में भी बीते साल 22 अक्टूबर को भयानक आग लगी थी। इस आग हादसे में भी एक सिक्योरिटी गार्ड की मौत हुई थी। खुद को आग से बचाने के लिए सिक्योरिटी गार्ड ने 19वीं मंजिल से छलांग लगाई थी। यह आग इमारत की 19वीं मंजिल के फ्लैट नंबर 1902 में लगी थी। शुरुआती जांच में यह पाया गया था कि आग शार्ट सर्किट की वजह से लगी थी।
पुणे की एक प्लास्टिक फैक्ट्री में साल 2021 के जून महीने में लगी भीषण आग में भी 17 लोगों की मौत हुई थी। जिसमें 15 महिलाएं भी शामिल थीं। यह आग पुणे कि एसवीएस एक्वा टेक्नोलॉजी में लगी थी। यह प्लांट पुणे की मुलशी तहसील में आता है।



लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay