केंद्र ने लगाया गेहूं के निर्यात पर रोक!

केंद्र ने लगाया गेहूं के निर्यात पर रोक!

नई दिल्ली, इन दिनों देश में रोटी को लेकर हालात कुछ खास नहीं दिखाई दे रहे हैं। देश का अधिकांश तबका गेहूं की रोटी खाना अधिक पसंद करता है लेकिन इन दिनों देश में गेहूं को लेकर क्या सब कुछ ठीक है? तो ऐसा नहीं है। देश में गेहूं की कीमत में उछाल के बीच महंगाई का तगड़ा झटका लगा है। जिससे केंद्र सरकार के होश उड़ गए हैं। ऐसे में अब सरकार ने बड़ा फैसला  लिया है। गेहूं की कीमत को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने तत्काल प्रभाव से गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी है। महंगाई में उछाल के कारण सरकार ने यह फैसला  लिया है। अप्रैल महीने में खुदरा महंगाई ७.७९ फीसदी रही जो आठ सालों का उच्चतम स्तर है, जबकि अप्रैल महीने में फूड इंफ्लेशन ८.३८ फीसदी रहा। ऐसे में िंकमत कंट्रोल के लिए केंद्र की भाजपा सरकार अब झटपटा रहीं है।
हिंदुस्थान दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक है और वह इस समय घरेलू बाजार में कीमत में तेजी का सामना कर रहा है। दरअसल ग्लोबल मार्वेâट में गेहूं की डिमांड बढ़ गई है। यूक्रेन युद्ध के कारण ब्लैक सी रूट से गेहूं शिपमेंट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में हिंदुस्थान से मांग बढ़ी और निर्यात में भी उछाल आया। हिंदुस्थान ने वित्त वर्ष २०२१-२२ तक कुल ७० लाख टन गेहूं का निर्यात किया है। यूक्रेन युद्ध के बाद से हिंदुस्थान से निर्यात होनेवाले गेहूं में उछाल आया है।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का नतीजा ये है कि हिंदुस्थान से गेहूं के निर्यात और मांग दोनों में बंपर उछाल आया है। केवल अप्रैल महीने में भारत ने रिकॉर्ड १४ लाख टन गेहूं का निर्यात किया है। डिमांड के मुकाबले सप्लाई घटने के कारण ग्लोबल मार्केट  में गेहूं की कीमत में ४० फीसदी तक का उछाल आया है। इसका असर डोमेस्टिक मार्केट  में भी दिख रहा है।


लोगसत्ता न्यूज
Anilkumar Upadhyay